लोन लेना महंगा हुआ या सस्ता? जानें आपकी EMI पर कितना असर, RBI गवर्नर ने दी पूरी जानकारी
Updated on
05-06-2026 02:21 PM
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( RBI ) ने ब्याज दरों यानी रेपो रेट की घोषणा कर दी है। आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने आज शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) की बैठक में ब्याज दरों को लेकर यह फैसला लिया गया। गवर्नर ने बताया कि इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी अभी रेपो रेट 5.25% ही रहेगा। रेपो रेट में बदलाव न होने से आपकी ईएमआई पर कोई असर असर होगा। वहीं होम लोन, पर्सनल लोन आदि की ब्याज दरें भी पहले जितनी रहेंगी।
पश्चिम एशिया संकट के कारण आए आर्थिक संकट और रुपये में गिरावट के कारण केंद्रीय बैंक की इस बैठक पर दिग्गजों की नजर थी। इससे पहले दिग्गज अर्थशास्त्रियों ने अनुमान जताया था कि रिजर्व बैंक इस बैठक में शायद ही ब्याज दरों में कोई बदलाव करे। हालांकि कुछ विश्लेषकों ने ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बात कही थी।
ब्याज दरों में क्यों नहीं किया बदलाव?
केंद्रीय बैंक का यह फैसला पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितताओं के बीच मुद्रास्फीति (महंगाई) और आर्थिक विकास को लेकर उसकी सतर्कता को दर्शाता है। इससे पहले अप्रैल में हुई नीतिगत समीक्षा बैठक में भी आरबीआई ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था, ताकि भू-राजनीतिक हालातों, ईंधन की कीमतों और आर्थिक गतिविधियों पर इसके असर की बारीकी से निगरानी की जा सके।
महंगाई को लेकर आरबीआई का आकलन
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने महंगाई पर अपडेट देते हुए कहा कि वैश्विक झटकों के बावजूद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर अभी भी तय लक्ष्य के नीचे बनी हुई है, क्योंकि घरेलू कीमतों पर इसका असर सीमित रहा है। हालांकि, मौजूदा अनुमानों के मुताबिक इस साल की तीसरी तिमाही में मुख्य महंगाई दर बढ़कर ऊपरी सहनशीलता स्तर के करीब पहुंच सकती है।
क्या है रेपो रेट?
रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैकों को लोन देता है। जब रेपो रेट बढ़ता है, तो बैकों को आरबीआई से मिलने वाला लोन महंगा हो जाता है। ऐसे में वे इसका बोझ ग्राहकों पर डालते हैं। वे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे सभी लोन्स पर ब्याज दरों को बढ़ा देते हैं। आरबीआई महंगाई में कमी लाने के लिए बाजार में लिक्विडिटी घटाता है। ऐसा वह रेपो रेट बढ़ाकर करता है।
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