वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि औद्योगिक विकास के अनुरूप रायगढ़ में जिस स्तर की अधोसंरचना विकसित होनी चाहिए थी, वह लंबे समय तक अपेक्षित गति से नहीं बन पाई। इसके कारण शहर को यातायात, भारी वाहनों, दुर्घटनाओं, धूल और प्रदूषण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। अब इन चुनौतियों के स्थायी समाधान के लिए सुनियोजित तरीके से बड़े अधोसंरचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने रिंग रोड को रायगढ़ के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। घरघोड़ा रोड से झारसुगुड़ा रोड को जोड़ने के लिए प्रथम चरण में कार्य किया जा रहा है, जिस पर 400 करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च होने की संभावना है। भविष्य में रायगढ़ से घरघोड़ा तक सड़क को फोरलेन करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे। आने वाले एक-दो वर्षों में रायगढ़ के विकास की तस्वीर जमीन पर स्पष्ट दिखाई देगी। हमारा प्रयास है कि शहर को बेहतर सड़क, पुल, हरित क्षेत्र, आधुनिक सार्वजनिक सुविधाएं और मजबूत अधोसंरचना मिले, जिससे नागरिकों के जीवन में व्यापक बदलाव आए। निरीक्षण के दौरान महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, आयुक्त नगर निगम श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभागीय अधिकारी, इंजीनियर तथा संबंधित निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।