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अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप पर ईडी का छापा, कितनी है नेटवर्थ और बिहार से क्या है कनेक्शन?

Updated on 02-06-2026 04:52 PM
नई दिल्ली: ईडी ने आज दिल्ली और मुंबई में दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) से जुड़ी एक जांच के तहत यह कार्रवाई की गई। इस कारण आज वेदांता का शेयर बीएसई पर करीब चार फीसदी की गिरावट के साथ 333.45 रुपये पर आ गया। वेदांता ग्रुप देश में सबसे बड़ा नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है। कंपनी जिंक, चांदी, ऑयल एंड गैस, एल्युमीनियम, आयरन ओर, स्टील और कॉपर की माइनिंग करती है। इसकी सहयोगी कंपनियों में हिंदुस्तान जिंक और केयर्न ऑयल एंड गैस शामिल है।

अनिल अग्रवाल का जन्म बिहार के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था और उन्हें बिहार का सबसे बड़ा रईस माना जाता है। उन्होंने 20 साल की उम्र में ही बिहार छोड़ दिया था और खाली हाथ मुंबई आ गए थे। उनके पास उस समय केवल एक टिफिन बॉक्स था। मुंबई आकर उन्होंने जमकर मेहनत की। साल 1970 में उन्होंने कबाड़ के धंधे से अपने कारोबारी करियर की शुरुआत की। उन्होंने अपनी पहली कंपनी की स्थापना की, जिससे उन्हें अच्छी-खासी कमाई हुई।

कैसे मिली सफलता?

साल 1976 में अग्रवाल ने शमशेर स्टर्लिंग केबल कंपनी को खरीदा। लेकिन बाद में धंधा नहीं चला तो उनके पास कर्मचारियों को सैलरी देने तक के पैसे नहीं बचे। इसके बाद अनिल अग्रवाल ने 9 अलग-अलग बिजनस शुरू किये, लेकिन सभी फेल हो गए। उन्होंने अपने शुरुआती 20-30 साल संघर्ष में बिताए। कैंब्रिज में अपने एक संबोधन में अग्रवाल ने बताया था कि वह कई साल तक डिप्रेशन में रहे थे। वे लगातार कोशिश करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिली।इसके बाद साल 1986 में भारत सरकार ने टेलीफोन केबल बनाने के लिए प्राइवेट सेक्टर को मंजूरी दे दी। इससे पहले 1980 में अग्रवाल ने स्टरलाइट इंडस्ट्रीज को खरीद लिया था। साल 1990 में अग्रवाल ने कॉपर रिफाइंड का काम शुरू किया। स्टरलाइट इंडस्ट्रीज देश की पहली ऐसी प्राइवेट कंपनी थी, जो कॉपर रिफाइन करने का काम करती थी।

कितनी है नेटवर्थ?

इसके बाद अग्रवाल लगातार सफलता की नई कहानी लिखते चले गए। वेदांता रिसोर्सेज एक नेचुरल रिसोर्सेज कंपनी है जिसकी दुनियाभर में मौजूदगी है। यह मिनरल्स, ऑयल एंड गैस को निकालती है और प्रोसेस करती है। कंपनी के करीब 64 हजार कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स हैं। मुख्य रूप से यह कंपनी भारत, अफ्रीका, आयरलैंड और ऑस्ट्रेलिया में है। दुनियाभर में कंपनी के प्रोडक्ट्स बिकते हैं।फोर्ब्स के मुताबिक अनिल अग्रवाल की नेटवर्थ करीब 4.9 अरब डॉलर यानी करीब 47,000 करोड़ रुपये है और वह भारत के टॉप 100 अमीरों में शामिल हैं। वेदांता का मार्केट कैप करीब 1,30,724.27 करोड़ रुपये है। हाल में इसका डिमर्जर किया गया है। इससे बनी चार कंपनियों के इसी महीने लिस्ट होने की संभावना है। हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में भी आज गिरावट आई है। इसका मार्केट कैप अभी 2,62,941.60 करोड़ रुपये है।

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