नई दिल्ली/रायपुर। रायपुर लोकसभा सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल मंगलवार को नई दिल्ली में शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी समिति की बैठक में शामिल हुए। बैठक में ‘राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार और इसका सुदृढ़ीकरण’ विषय से जुड़े 382वें संशोधित प्रारूप प्रतिवेदन पर विचार-विमर्श किया गया और इसे स्वीकार किए जाने की प्रक्रिया पूरी की गई।
बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता, जवाबदेही और अभ्यर्थियों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसद अग्रवाल ने कहा कि देश के लाखों विद्यार्थी अपने भविष्य की उम्मीद लेकर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था का निष्पक्ष, सुरक्षित और भरोसेमंद होना बेहद जरूरी है।
साइबर सुरक्षा और शिकायत निवारण मजबूत करने पर जोर
अग्रवाल ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक, मजबूत साइबर सुरक्षा और बेहतर परीक्षा प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। इसके साथ ही विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया केवल तकनीकी रूप से मजबूत होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की वास्तविक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इसे अधिक संवेदनशील और सुगम भी बनाया जाना चाहिए।
‘मेहनत का मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता से हो’
सांसद ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल परीक्षाएं आयोजित करना नहीं, बल्कि ऐसी विश्वसनीय व्यवस्था तैयार करना है जिस पर विद्यार्थी और अभिभावक भरोसा कर सकें। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को यह विश्वास होना चाहिए कि उनकी क्षमता और मेहनत का मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ होगा।
अग्रवाल ने कहा कि मजबूत और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली देश की शिक्षा व्यवस्था की नींव को मजबूत करती है। NTA में आवश्यक सुधारों के जरिए विद्यार्थियों के विश्वास को और मजबूत करना समय की जरूरत है।
बैठक में समिति अध्यक्ष मुकुल वासनिक सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।