CM थलपति विजय ने चला बड़ा दांव, तमिलनाडु की तिजोरी में बंपर बचत
Updated on
04-07-2026 03:34 PM
नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय उर्फ थलपति विजय की अगुवाई वाली टीवीके (TVK) सरकार ने अपने शुरुआती फैसलों से राज्य की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। 10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही विजय ने पारदर्शिता को अपनी सरकार का सबसे बड़ा हथियार बनाया है। इसका सबसे बड़ा फायदा सरकारी खजाने को मिल रहा है और सरकारी पैसों की भारी बचत हो रही है। इससे तमिलनाडु के कर्जे का दबाव कम होगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे।
सरकारी टेंडर में बड़ा बदलाव
पहले सरकारी ठेकों (Tenders) में कुछ गिने-चुने ठेकेदारों का दबदबा रहता था, जिससे वे मनमाने दामों पर काम लेते थे। मुख्यमंत्री विजय ने इस सिस्टम को बंद कर दिया और ओपन कॉम्पिटिटिव बिडिंग यानी खुली बोली शुरू की। अब कोई भी योग्य ठेकेदार इसमें हिस्सा ले सकता है।
इस फैसले का असर यह हुआ कि चेन्नई नगर निगम (GCC) के तहत सड़कों के काम के लिए ठेकेदारों ने सरकारी बजट से 25 से 30 प्रतिशत कम कीमत में काम करने की बोली लगाई है। पहले यही काम तय बजट से भी ज्यादा पैसों में दिए जाते थे।
सरकार को बड़ी बचत
अंबत्तूर का प्रोजेक्ट
एक सड़क के काम के लिए सरकार ने 25 लाख रुपये का बजट तय किया था। खुली बोली में 9 ठेकेदारों ने हिस्सा लिया। सबने बजट से कम दाम भरे।
आखिर में एक ठेकेदार ने करीब 17 लाख रुपये में काम ले लिया। यानी एक ही छोटे से काम में सरकार के 9 लाख रुपये बच गए।
बाकी इलाकों का हाल
तौंडियारपेट में ठेकेदारों ने अनुमान से 25% कम बोली लगाई।
वहीं शोलिंगनल्लूर में बोलियां अनुमानित लागत से 36% तक नीचे चली गईं।
भ्रष्टाचार पर लगाम
ग्रेटर चेन्नई कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रामा राव ने बताया कि अतीत में जो टेंडर आधिकारिक अनुमान से 10% अधिक पर दिए जाते थे, वही काम अब बेहद कम दाम में हो रहे हैं। इंडिया टुडे के मुताबिक उन्होंने कहा कि पहले जो 25 लाख का टेंडर 27.5 लाख रुपये में मिलता था, आज वही काम 16 लाख रुपये में हो रहा है।
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