लगातार 18 महीने से सोना खरीद रहा चीन, लेकिन यूरोप के इस छोटे देश ने लूटी महफिल
Updated on
08-06-2026 03:04 PM
नई दिल्ली: ईरान युद्ध के बीच दुनिया के कई देशों के सेंट्रल बैंकों ने सोने की खरीद बढ़ा दी है। मार्च में तुर्की और रूस के केंद्रीय बैंकों ने जमकर सोने की बिक्री की थी। इस कारण सेंट्रल बैंक नेट सेलर रही थी। लेकिन अप्रैल में वे नेट बायर रहे। इस दौरान जितना सोना बेचा गया उससे 17 टन ज्यादा सोना खरीदा गया। पोलैंड ने एक बार फिर सबसे ज्यादा सोना खरीदा। इस यूरोपीय देश के सेंट्रल बैंक ने अप्रैल में 14 टन सोना खरीदा और इस साल वह 45 टन सोना खरीद चुका है। इसके साथ ही उसका कुल गोल्ड रिजर्व 595 टन हो चुका है जो उसके कुल रिजर्व का करीब 30 फीसदी है।
वर्ल्ड बैंक काउंसिल के मुताबिक चीन ने भी अप्रैल में लगातार 18वें महीने सोना खरादी। चीन के सेंट्रल बैंक ने इस दौरान 8 टन सोना खरीदा जो दिसंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद है। इसके साथ ही उसका कुल रिजर्व 2,322 टन हो गया है जो उसके कुल रिजर्व का 9 फीसदी है। इसी तरह चेक गणराज्य ने अप्रैल में दो टन सोना खरीदा। इसका साथ ही उसका गोल्ड रिजर्व 79 टन पहुंच गया जो उसके रिजर्व का 6% है।
किसके पास सबसे ज्यादा सोना?
इस बीच उजबेकिस्तान के सेंट्रल बैंक ने अप्रैल में एक टन सोना बेच दिया। हालांकि इस साल उसने कुल 24 टन सोना खरीदा है और सबसे ज्यादा सोना खरीदने के मामले में वह पोलैंड के बाद दूसरे नंबर पर है। उजबेकिस्तान के पास कुल 414 टन सोना है जो उसके कुल रिजर्व का 88 फीसदी है। इस बीच रूस ने लगातार चौथे महीने सोना बेचा है। उसके केंद्रीय बैंक ने अप्रैल में 6 टन सोना बेचा। इस बीच तुर्की के गोल्ड रिजर्व में कोई बदलाव नहीं आया है।
सोना खरीदने के मामले में पूर्वी यूरोपियन और एशियाई देशों के सेंट्रल बैंक सबसे आगे हैं। पिछले 36 महीनों में इन दो इलाकों के देशों ने हर महीने औसतन क्रमश: 12 टन और 11 टन सोने का आयात किया। अमेरिका के पास सबसे ज्यादा 8,133 टन गोल्ड रिजर्व है। उसके बाद जर्मनी, इटली, फ्रांस, रूस, चीन, स्विट्जरलैंड, भारत, जापान और तुर्की का नंबर है।
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