धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों में पानी भर गया है। इसी बीच भखारा क्षेत्र में जोरातराई जाने वाले मार्ग पर पुल के ऊपर से बह रहे तेज पानी में एक कार बह गई।
कार में सवार दो लोगों ने किसी तरह कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कार एक जगह फंस गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पुल के ऊपर बह रहा था पानी, बह गई कार
घटना भखारा क्षेत्र के जोरातराई मार्ग की है। बताया गया कि पुल के ऊपर से पानी बह रहा था। पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा नहीं होने के कारण कार चालक वाहन लेकर पुल से गुजरने लगा। इसी दौरान तेज बहाव में कार बह गई।
कार कुछ दूरी पर जाकर एक जगह फंस गई। इसके बाद उसमें सवार दोनों लोगों ने कांच तोड़कर बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
गंगरेल समेत तीन जलाशयों के गेट खुले
लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया में पानी आने के कारण गंगरेल, दुधावा और मरूमसिल्ली बांध के गेट खोल दिए गए हैं। गंगरेल बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं, पहली बार रुद्रेश्वर घाट भी डूब गया है।
दरगहन की गलियों में तेज बहाव से पानी
महानदी से लगे ग्राम दरगहन में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। महानदी के गेट खुलने के बाद गांव की गलियों में तेज बहाव के साथ पानी बह रहा है। इससे कई लोगों के घरों में पानी भर गया है और जनजीवन प्रभावित हुआ है।
गंगरेल 96.54%, दुधावा 100% भराव पर
जलाशयों की स्थिति के मुताबिक गंगरेल जलाशय 96.54 प्रतिशत भरा है और यहां आवक 1,77,006 क्यूसेक बताई गई है। मरूमसिल्ली जलाशय 99.10 प्रतिशत भरा है, जहां आवक 15,207 क्यूसेक है।
वहीं दुधावा जलाशय 100 प्रतिशत भराव पर है और यहां आवक 44,595 क्यूसेक दर्ज की गई है। सोढ़ुर जलाशय 87.74 प्रतिशत भराव पर है और यहां 28,726 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।
जलाशयों से लगातार छोड़ा जा रहा पानी
आंकड़ों के अनुसार गंगरेल बांध से 2,51,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इसमें से रुद्री बैराज से 4,000 क्यूसेक पानी नहर में और 2,47,000 क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। वहीं सोढ़ुर जलाशय से नदी में 27,024 क्यूसेक, दुधावा जलाशय से 25,492 क्यूसेक और मरूमसिल्ली जलाशय से 11,472 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
प्रशासन ने नदी-नालों से दूर रहने की अपील की
जिले में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की है। लोगों से अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार नहीं करने और बच्चों को भी ऐसे स्थानों से दूर रखने कहा गया है।
प्रशासन ने कहा है कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ की स्थिति बनने पर स्थानीय अमले की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। जरूरत पड़ने पर नागरिकों को प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर तत्काल पहुंचने की सलाह दी गई है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, जलाशयों और नदी-नालों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।