थलपति विजय सरकार के लिए बड़ा मौका; तमिलनाडु आ सकता है बजाज का नया EV प्लांट, पैदा होंगी बंपर नौकरियां
Updated on
24-06-2026 12:47 PM
नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार के साथ सब्सिडी और इंसेंटिव से जुड़े विवादों के चलते दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के अगले विस्तार को राज्य से बाहर ले जाने की तैयारी में है। सीएनबीसी-टीवी18 के मुताबिक इस रेस में तमिलनाडु सबसे आगे चल रहा है।
अगर यह कंपनी तमिलनाडु में आती है तो यह सी. जोसेफ विजय ( थलपति विजय ) सरकार के लिए बड़ा मौका होगा। इससे प्रदेश में कई नौकरियां पैदा होंगी। इससे पहले भी कई कंपनियों ने थलापति विजय सरकार के साथ प्रदेश में बड़े निवेश और रोजगार के लिए समझौते किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला महाराष्ट्र सरकार की ईवी पॉलिसी और पैकेज स्कीम ऑफ इंसेंटिव्स (PSI) के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता (रिइंबर्समेंट) में हो रही देरी से जुड़ा है। महाराष्ट्र सरकार के सामने बार-बार अपनी बात रखने के बावजूद जब इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई, तो बजाज ऑटो ने अपने अगले फेज के ईवी कैपेसिटी एक्सपेंशन के लिए अन्य राज्यों का रुख करना शुरू कर दिया है।
महाराष्ट्र सरकार ने नहीं मिला पैसा
महाराष्ट्र ईवी पॉलिसी 2021 के नियमों के मुताबिक कंपनियों को गाड़ी की बिक्री के समय ही सरकारी सब्सिडी का फायदा सीधे ग्राहकों को देना था। बाद में सरकार से उसका रिइंबर्समेंट लेना था।
बजाज ऑटो ने ग्राहकों को तो छूट दे दी, लेकिन सूत्रों का कहना है कि वित्त वर्ष 2021-22 से कंपनी के लगभग 60% सब्सिडी क्लेम महाराष्ट्र सरकार के पास लंबित पड़े हैं।
2000 करोड़ से ज्यादा का निवेश
बजाज ऑटो ने महाराष्ट्र के चाकन, आकुर्डी और वालुज स्थित अपने प्लांट्स में प्रीमियम मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर मैन्युफैक्चरिंग के लिए 2000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। इस निवेश के आधार पर कंपनी ने करीब 18 महीने पहले पैकेज स्कीम ऑफ इंसेंटिव्स (PSI) के तहत एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था, जो अब तक जारी नहीं हुआ है। इसके बिना इंसेंटिव क्लेम प्रोसेस नहीं हो सकता।
तेलंगाना भी रेस में
बजाज ऑटो इस समय कई राज्यों के साथ बातचीत कर रही है। ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के मजबूत इकोसिस्टम और बंदरगाहों की कनेक्टिविटी के कारण तमिलनाडु इस निवेश को हासिल करने की दौड़ में सबसे आगे नजर आ रहा है, जबकि तेलंगाना भी इस रेस में शामिल है। अगर ऐसा होता है, तो यह बजाज ऑटो का दक्षिण भारत में पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट होगा।
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