RBI का बड़ा एक्शन, इस बैंक से अब सिर्फ 1 लाख रुपये ही निकाल सकेंगे ग्राहक
Updated on
13-06-2026 12:27 PM
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुंबई के मोगावीरा सहकारी बैंक की खराब होती वित्तीय स्थिति को देखते हुए उस पर कई कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। बैंक के ग्राहकों और कामकाज को लेकर रिजर्व बैंक ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
यह आदेश शुक्रवार को कारोबार बंद होने के बाद से लागू हो गया है और फिलहाल 6 महीने की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। हालांकि, आरबीआई समय-समय पर इसकी समीक्षा करता रहेगा।
पैसे निकालने की सीमा तय
बैंक की मौजूदा नकदी की स्थिति को देखते हुए आरबीआई ने बैंक अकाउंट से पैसे निकालने की लिमिट तय कर दी है। रिजर्व बैंक ने निर्देश दिया है कि अब कोई भी जमाकर्ता अपने बचत खाते, चालू खाते या किसी भी अन्य खाते से अधिकतम 1 लाख रुपये तक ही निकाल सकेगा।
बैंक के इन कामों पर लगी पूरी तरह रोक
आरबीआई के नए निर्देशों के मुताबिक अब यह सहकारी बैंक अगले 6 महीनों तक कई काम नहीं कर पाएगा। आरबीआई ने बैंक के जिन कामों पर रोक लगाई है, वे इस प्रकार हैं:
बैंक अब किसी भी नए ग्राहक को लोन या उधार मंजूर नहीं कर सकेगा।
बैंक अपने मौजूदा लोन का रिन्यूअल भी नहीं कर पाएगा।
बैंक किसी भी तरह का नया निवेश नहीं कर सकेगा, न ही कोई नई देनदारी ले सकेगा।
इसके अलावा नए डिपॉजिट (जमा) स्वीकार करने पर भी रोक लगा दी गई है।
आरबीआई को क्यों उठाना पड़ा यह कदम?
रिजर्व बैंक ने साफ किया है कि वह बैंक के कामकाज को सुधारने के लिए लगातार उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और सीनियर मैनेजमेंट के संपर्क में था। आरबीआई के मुताबिक, बैंक ने कमियों को दूर करने और खाताधारकों के पैसों की रक्षा करने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किया। जमाकर्ताओं के हितों को सुरक्षित रखने के लिए अंततः आरबीआई को यह सख्त कदम उठाना पड़ा।
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