आईपीएस बनने के बाद वर्ष 1992 में उन्हें मध्यप्रदेश कैडर मिला और प्रशिक्षु अधिकारी के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग जबलपुर में हुई। वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य गठन के बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ कैडर चुना।
छत्तीसगढ़ में उन्होंने कोरिया, रायगढ़, जशपुर, राजनांदगांव, सरगुजा और बिलासपुर जैसे जिलों में एसपी के रूप में सेवाएं दीं। लंबे प्रशासनिक अनुभव और कानून व्यवस्था पर मजबूत पकड़ के कारण उन्हें प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई है।