अडानी की दक्षिण अमेरिका में बड़ी एंट्री, अर्जेंटीना के LNG प्रोजेक्ट पर किया कब्जा, भारत को कितना फायदा?
Updated on
08-06-2026 03:05 PM
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने सोमवार को एक बड़ी डील की। कंपनी ने अर्जेंटीना के पहले लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 10 साल का मरीन सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट हासिल कर लिया है। यह बड़ी डील न केवल अडानी ग्रुप की दक्षिण अमेरिकी बाजार में पहली एंट्री को दर्शाती है, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी उसकी पकड़ मजबूत करती है। इस पूरे प्रोजेक्ट में लगभग 7 करोड़ डॉलर (करीब 667 करोड़ रुपये) के निवेश का अनुमान लगाया गया है।
यह कॉन्ट्रैक्ट अडानी पोर्ट्स की सहायक कंपनी अडानी हार्बर इंटरनेशनल ने अर्जेंटीना के मेरिडियन ग्रुप के साथ साझेदारी कर हासिल किया है। इस एलएनजी प्रोजेक्ट के डेवलपर सॉदर्न एनर्जी एस. ए. (SESA) की ओर से आयोजित एक वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद अडानी ग्रुप को इस काम के लिए चुना गया।
कब से शुरू होगा प्रोजेक्ट?
इस प्रोजेक्ट के तहत कमर्शियल ऑपरेशन सितंबर 2027 में शुरू होने की उम्मीद है।
पहले चरण में इस फैसिलिटी से सालाना लगभग 24.5 लाख टन एलएनजी का प्रोडक्शन होने का अनुमान है।
इस क्षमता के आधार पर प्रति वर्ष लगभग 28 कार्गो शिपमेंट भेजे जा सकेंगे।
भारत-अर्जेंटीना के बीच नया एनर्जी कॉरिडोर
यह सौदा वैश्विक ऊर्जा बाजार में अर्जेंटीना की स्थिति को बदलने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अर्जेंटीना तेजी से भविष्य के एक बड़े एलएनजी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभर रहा है। खास बात यह है कि अर्जेंटीना की योजना साल 2027 से भारत को भी गैस निर्यात करने की है, जिससे भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा को नया बल मिलेगा।
शेयर का क्या हाल?
अडानी पोर्ट्स (APSEZ) के शेयर में सोमवार सुबह इस डील से उत्साह नजर नहीं आया। शुरुआत में इनमें मामूली गिरावट आई। हालांकि बाद में थोड़ा सुधार नजर आया। दोपहर 12 बजे यह शेयर मामूली बढ़त के साथ 1,825.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले 6 महीने में इसमें 20 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है।
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