नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब यात्रियों को 75 मिनट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पीक आवर्स में यात्रियों को हर 15 मिनट के अंतराल पर मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। वहीं आम समय में मेट्रो हर 30 मिनट में स्टेशन पहुंचेगी। चारों ट्रेनें मिलकर दिनभर में दोनों दिशाओं 25-25 फेरे लगाएंगी यानी करीब 50 फेरे।
दोनों ट्रैक पर ऑटोमैटिक सिग्नलिंग शुरू होने से अब अप और डाउन लाइन पर ट्रेनें बिना किसी बाधा के नियमित रूप से चल सकेंगी। इस नए शेड्यूल से रोजाना दफ्तर और कॉलेज आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का समय बचेगा।
वर्तमान में प्रायोरिटी कॉरिडोर पर एक मेट्रो दिनभर में सिर्फ पांच फेरे लगा रही है। 75 मिनट के अंतराल में चल रही मेट्रो की फ्रीक्वेंसी अब घटकर 15 से 30 मिनट हो गई है। यानी मेट्रो अब बैलगाड़ी की तरह नहीं रफ्तार से चलेगी।