ईरान के परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम भंडार का क्या होगा? शांति समझौते में फंसे हैं कई पेंच
Updated on
15-06-2026 12:48 PM
तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ईरान पर लगी अपनी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म कर देगा। यह महीनों की बातचीत में सबसे बड़ी कामयाबी है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है। सभी को बधाई!' रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सरकारी टीवी का कहना है कि तेहरान ने अमेरिका को शांति समझौते के लिए मजबूर किया। वाइट हाउस ने समझौते की जानकारी तुरंत जारी नहीं की है।
लेकिन ईरान की अर्द्ध सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने समझौते के 14 प्वाइंट जारी किए हैं जिसे देखने से लगता है कि अमेरिका युद्ध से हार गया है। हालांकि इस फ्रेमवर्क में सैन्य कार्रवाई रोकने का प्रावधान है लेकिन कई मुश्किल सवाल हैं जिनके जवाब जानने सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इन मुद्दों पर सहमति नहीं बनी तो समझौते का मतलब ही नहीं रह जाएगा। जैसे ईरान का परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में ढील, फ्रीज किए गए फ़ंड और लेबनान में लड़ाई का भविष्य इन सवालों पर बातचीत को आगे के लिए टाल दिए गये हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच समझौता, कई सवाल
अमेरिका के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि शुक्रवार को हस्ताक्षर होने के बाद ही नाकेबंदी हटाई जाएगी जबकि ट्रंप ने शुरू में इसके 'तुरंत हटाए जाने' की घोषणा की थी। मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान ने कहा कि इस समझौते में सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से रोकने का प्रावधान है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा 'दोनों पक्षों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करने का ऐलान किया है।' ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने भी कहा कि लेबनान समेत सभी सैन्य कार्रवाई सोमवार रात से हमेशा के लिए बंद हो जाएंगी।
अब उम्मीद है कि इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा जिसे ईरान ने महीनों से बंद कर रखा था। इससे तेल, गैस और फर्टिलाइज़र जैसे उत्पादों की ग्लोबल सप्लाई में रुकावट आ गई थी। इसके जवाब में अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर दी थी। इस ऐलान से बाजारों को तुरंत राहत मिली है। सोमवार को शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में करीब 4% की गिरावट आई जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 4.6% से ज़्यादा की गिरावट दर्ज की गई। एशियाई शेयर बाजारों में भी तेजी देखी गई।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम का क्या होगा?
सबसे बड़े सवाल का ही कोई जवाब मौजूद नहीं है। मौजूदा समझौता इस टकराव की सबसे मुख्य समस्या का कोई समधाना नहीं करता है कि क्या ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को खत्म करेगा और उसके पास मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार का क्या होगा? इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के अनुसार ईरान के पास 60% शुद्धता वाला 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है। हथियार बनाने लायक यूरेनियम को लगभग 90% तक एनरिच (शुद्ध) किया जाता है यानि ईरान अभी भी कुछ हफ्तों में परमाणु बम बना सकता है।
ईरान ने साफ किया है कि वो यूरेनियम को किसी और देश में नहीं भेजेगा। एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि व्यापक समझौते से आखिरकार ईरान का परमाणु कार्यक्रम खत्म हो जाएगा और उसके अत्यधिक एनरिच किए गए यूरेनियम को नष्ट करने और देश से हटाने की आवश्यकता होगी। लेकिन ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि तेहरान को ईरान के अंदर ही यूरेनियम को कमजोर (डाइल्यूट) करने की इजाजत दी जाएगी। रूस ने भी इस स्टॉक को लेने की पेशकश की है जबकि ट्रंप पहले कह चुके हैं कि इसे नष्ट कर दिया जाना चाहिए।
इससे कई सवाल अनसुलझे रह जाते हैं। क्या ईरान अपना एनरिच्ड यूरेनियम सौंप देगा या उसे कमजोर रूप में रखने की इजाजत दी जाएगी? क्या देश के अंदर एनरिचमेंट जारी रहेगा? और ईरान के नियमों का पालन करने की पुष्टि के लिए कौन-सी जांच प्रणाली लागू की जाएगी? इन्हीं सवालों के साथ युद्ध शुरू हुआ था और अगर इनपर सहमति नहीं बन पाई तो डोनाल्ड ट्रंप से सवाल पूछ जाएंगे कि उन्होंने ईरान पर 28 फरवरी को फिर हमला क्यों किया था?
इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना ने कब्जे वाले कश्मीर की धरती खून से लाल कर दी है। असीम मुनीर के आदेश पर प्रदर्शनकारियों पर भयानक गोलीबारी की गई है। प्रदर्शन करने…
वॉशिंगटन: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की इस हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात हुई है। इस मुलाकात में उन्होंने ईरान के मामले में हर विकल्प खुला रखने यानी सैन्य…
वॉशिंटगन: दूसरे विश्वयुद्ध के बाद से बने लगभग हर संवेदनशील रेडिएशन डिटेक्टर के लिए ऐसे स्टील का इस्तेमाल किया जाता है जो पहले परमाणु परीक्षण से पहले डूबे जहाजों से…
सिंगापुर: सिंगापुर के पूर्व राजनयिक किशोर महबूबानी ने कहा है कि भारत ने हालिया दशकों में, अपनी आजादी के बाद से काफी तरक्की की है। उन्होंने कहा कि चीन की…
मास्को: यूक्रेन से जंग के बीच रूस दुनिया के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा हथियारों से लैस युद्धपोत Admiral Nakhimov पर 3 Ka-31 एयरबॉर्न अर्ली वार्निंग हेलिकॉप्टर तैनात कर सकता…
काठमांडू: नेपाल ने भारत से अनुरोध किया है कि वह नेपाली नागरिकों के बॉयोमेट्रिक राष्ट्रीय पहचान पत्र (Natioanl Identity Card) को यात्रा दस्तावेज के रूप में मान्यता दे। राजनयिक चैनलों…
तेहरान: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले का ईरान का दांव कामयाब होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों के मैरीटाइम डेटा से पता चलता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से…