बीजेपी ने पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ नेताओं सहित अनुभवी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग शक्ति केंद्रों की जिम्मेदारी सौंप दी है। प्रत्येक शक्ति केंद्र में एक प्रभारी और एक संगठक नियुक्त किया गया है। एक शक्ति केंद्र के अंतर्गत चार से छह बूथ शामिल किए गए हैं, जिनके संचालन, समन्वय और संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी इन्हीं नेताओं पर रहेगी। यानी औसतन 5 बूथों पर दो दिग्गजों को कमान दी गई है।
अनुभवी नेताओं को दी शक्ति केन्द्रों की कमान
जिला भाजपा की ओर से जारी सूची के अनुसार दतिया नगर, दतिया ग्रामीण, बड़ौनी, भांडेर, इंदरगढ़ और सेंवढ़ा मंडलों के शक्ति केंद्रों के लिए प्रभारी और संगठकों की नियुक्ति की गई है। भाजपा ने चुनावी रणनीति के तहत वरिष्ठ नेताओं के अनुभव का लाभ लेने का फैसला किया है।
कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और संगठन के अनुभवी पदाधिकारियों को मैदान में उतारा गया है ताकि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बना रहे, मतदाता संपर्क अभियान प्रभावी ढंग से चले और मतदान के दिन बूथ प्रबंधन मजबूत रहे।
शक्ति केंद्र भाजपा के संगठन की महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती है। प्रत्येक शक्ति केंद्र में सामान्यतः चार से छह बूथ शामिल रहते हैं। इन बूथों पर संगठनात्मक गतिविधियों, मतदाता संपर्क, कार्यकर्ता समन्वय और चुनावी तैयारियों की निगरानी शक्ति केंद्र प्रभारी और संगठक करेंगे।
मंडल- उदगुवां