Select Date:

नैनो उर्वरकों के उपयोग से बेहतर उत्पादन और मृदा स्वास्थ्य को मिल रहा बढ़ावा

Updated on 02-06-2026 04:33 PM

रायपुर। नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (तरल उर्वरक) कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी नवाचार हैं। ये पारम्परिक उर्वरकों (दानेदार यूरिया और डीएपी) की तुलना में बहुत कम मात्रा में उपयोग किए जाते हैं और पौधे के सीधे संपर्क में आकर तेजी से पोषक तत्व प्रदान करते हैं। नैनो तकनीक के कारण इनका आकार अत्यंत छोटा (20-50 नैनोमीटर) होता है। ये पौधों की कोशिकाओं के अंदर सीधे प्रवेश करके आवश्यक पोषक तत्व (नाइट्रोजन और फास्फोरस) प्रदान करते हैं, जिससे फसल का विकास अच्छा होता है और पैदावार बढ़ती है।

आधुनिक खेती से समृद्ध हो रहे कृषक छेदीलाल
पारंपरिक उर्वरकों की भारी बोरियों की तुलना में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी की बोतलें बहुत सस्ती और किफायती होती हैं पारंपरिक उर्वरकों से होने वाले गैसीय उत्सर्जन और लीचिंग (पानी के साथ बहकर जमीन में जाने) की समस्या नैनो उर्वरकों से न के बराबर होती है, इससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण कम होता है। इसी कड़ी में कोरबा जिले के ग्राम ढेलवाडीह के निवासी कृषक छेदीलाल उरांव ने विकासखंड सोनपुरी स्थित सहकारी समिति से आगामी खरीफ फसल के लिए खाद और बीज प्राप्त किया है। लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करने वाले उरांव का 6 से 7 सदस्यों का परिवार पूरी तरह कृषि पर ही आश्रित है और वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। उरांव ने बताया कि उन्होंने इस सीजन के लिए यूरिया एवं डीएपी उर्वरक ले लिया है। इसके साथ ही वे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाने के लिए अपनी 1 एकड़ भूमि में हरित खाद के रूप में ढैंचा एवं मूंग की बुआई भी करेंगे।

नैनो उर्वरकों के चमत्कारी परिणाम
कृषक उरांव ने नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के अपने बेहतरीन अनुभव साझा करते हुए बताया कि पिछले वर्ष इसके प्रयोग से उन्हें काफी लाभ हुआ था। नैनो डीएपी पौधों तक पोषक तत्वों की त्वरित और प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि यह मिट्टी की जैविक गुणवत्ता और उर्वरा शक्ति को बनाए रखने में सहायक है। यह पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देता है और खेती की लागत को भी नियंत्रित करता है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
उरांव ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और नैनो उर्वरकों के समावेश से अब खेती अधिक मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। उन्होंने संकटमुक्त होकर समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराने तथा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री साय के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की यह पहल किसानों को आत्मनिर्भर, आधुनिक और समृद्ध बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 July 2026
कोरबा। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, कोरबा जिला प्रभारी मंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  अरुण साव ने आज सुनालिया नहर मार्ग स्थित बहुप्रतीक्षित मल्टीलेवल पार्किंग का लोकार्पण तथा डॉ. श्यामा…
 24 July 2026
कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार, रामपुर (कोरबा) में गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के…
 24 July 2026
राजनांदगांव। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के मेडिसिन विभाग द्वारा मेडिकल कॉलेज भवन के सेमीनार हॉल में एचआईवी एड्स- जागरूकता, अधिकार और सुरक्षा विषय पर एक दिवसीय सेमीनार का आयोजन किया…
 24 July 2026
राजनांदगांव। कलेक्टर  जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ छात्र सुरक्षा बीमा योजना अंतर्गत डोंगरगढ़ विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला गांधीनगर में अध्ययनरत दो छात्रों की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिजनों…
 24 July 2026
दुर्ग,  राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली द्वारा जारी "Community Mediation Towards a Litigation-Free Rural India" स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP), 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायालयीन…
 24 July 2026
बालोद, मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में हर घर नल…
 24 July 2026
दुर्ग।  कलेक्टर  अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में विधि से संघर्षरत बच्चों के बेहतर पुनर्वास एवं संरक्षण के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने हेतु जिला स्तरीय अभिसरण की बैठक आज पीडब्ल्यूडी सभागार…
 24 July 2026
रायपुर। राजधानी रायपुर के खम्हारडीह थाना परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। भाजपा के प्रदर्शन के दौरान हुए पथराव मामले में कांग्रेस के 12 कार्यकर्ताओं के…
 24 July 2026
रायपुर, प्रदेश के आदिवासी अंचलों के बच्चों और किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और सुरक्षित भविष्य के लिए समुदाय, संस्कृति और व्यवहार विज्ञान पर आधारित योजनाएं तैयार की जाएंगी। छत्तीसगढ़ शासन…
Advt.