ट्रंप के जाते ही जिनपिंग ने पुतिन को गले लगाया, बीजिंग में चीन और रूस का महामिलन, अमेरिका को बड़ा संदेश
Updated on
20-05-2026 01:17 PM
बीजिंग: डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे के महज 10 दिनों के अंदर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन पहुंचे हैं। यहां उनका स्वागत उनके 'महान दोस्त' शी जिनपिंग ने की है। बीजिंग में रूसी राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया है और इसके पीछे की वजह बहुत साफ है कि दोनों देश ट्रंप की हालिय बीजिंग यात्रा के बाद अपनी एकता का प्रदर्शन करना चाहते थे। पुतिन और उनका प्रतिनिधिमंडल बीजिंग कैपिटल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचा जहां चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। पुतिन के आगमन पर सैकड़ों चीनी युवाओं ने "स्वागत है, स्वागत है" के नारे लगाए और रूसी झंडे लहराए।
व्लादिमीर पुतिन आज चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करने वाले हैं जिसमें इस बात पर चर्चा होगी कि चीन और रूस के बीच की रणनीतिक साझेदारी को कैसे और मजबूत किया जाए। इसके अलावा "अहम अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया जाएगा"। ट्रंप के चीन दौरे के कुछ ही दिनों बाद शी जिनपिंग और पुतिन ने "बधाई पत्र" का आदान-प्रदान किया था। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक शी जिनपिंग ने कहा कि रूस और चीन के बीच द्विपक्षीय सहयोग "लगातार गहरा और मजबूत हुआ है" क्योंकि इस साल दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी की 30वीं वर्षगांठ है।
व्लादिमीर पुतिन का चीन दौरा महत्वपूर्ण क्यों है?
पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात उस वक्त हो रही है जब यूक्रेन युद्ध और तेज हो चुका है। पुतिन ने मंगलवार को एक वीडियो संदेश में कहा कि चीन के साथ रिश्ते "सचमुच एक अभूतपूर्व स्तर" पर पहुंच गए हैं और यह कि "रूस और चीन के बीच व्यापार लगातार बढ़ रहा है।" उन्होंने आगे कहा "रूस और चीन के बीच घनिष्ठ रणनीतिक संबंध वैश्विक स्तर पर एक बड़ी और स्थिर भूमिका निभाते हैं। किसी के भी खिलाफ गठबंधन किए बिना हम शांति और सार्वभौमिक समृद्धि चाहते हैं।" पुतिन ने इस दौरान किसी भी तीसरे देश का नाम नहीं लिया।
जानकारों के मुताबिक चीन की पुतिन की इस यात्रा का समय काफी अहम है क्योंकि यह ट्रंप की उस यात्रा के ठीक बाद हो रही है जिस पर सभी की नजरें टिकी थीं। हालांकि चीन में डोनाल्ड ट्रंप का सिर्फ स्वागत किया गया और अमेरिकी राष्ट्रपति चीन से कोई खास वादा नहीं ले पाए। इसके अलावा बीजिंग से अमेरिका के दर्जन भर से ज्यादा कारोबारी भी खाली हाथ ही लौटे। इसके अलावा शी जिनपिंग ने ताइवान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप को 'युद्ध की धमकी' तक दे डाली। चीन ने यह भी साफ कर दिया है कि वह रूस के साथ अपने रिश्तों से पीछे नहीं हटेगा।
चीन से क्या उम्मीद कर रहे रूसी राष्ट्रपति?
रिपोर्ट्स के मुताबिक पुतिन यूक्रेन के साथ अपने युद्ध को जारी रखने के लिए चीन से ज्यादा मिलिट्री मदद की उम्मीद कर रहे हैं। चीन के लिए दुनिया के सबसे बड़े नेताओं के लगातार दौरे उसके बढ़ते कूटनीतिक असर का संकेत हैं जिससे बीजिंग ग्लोबल पॉलिटिक्स में एक अहम खिलाड़ी के तौर पर उभर रहा है। ट्रंप के चीन दौरे के दौरान वाइट हाउस ने बताया कि चीन बीफ और पोल्ट्री समेत अमेरिकी खेती से जुड़े प्रोडक्ट्स का इंपोर्ट काफी बढ़ाने पर राजी हो गया है। इसीलिए अब पुतिन के दौरे पर नजर है कि चीन इस दौरान अमेरिका और वैश्विक समुदाय को क्या संदेश देता है?
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