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खगड़िया-भागलपुर-कटिहार-पूर्णिया की बदलने जा रही किस्मत, 144 किमी की सड़क पर मोदी सरकार खर्च करेगी 4000 करोड़

Updated on 03-06-2026 05:21 PM
पटना: बिहार के बुनियादी ढांचे और सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में मोदी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने राज्य के चार प्रमुख जिलों- खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया की किस्मत बदलने वाली एक महापरियोजना को हरी झंडी दी। इसके तहत एनएच-31 और एनएच-231 के 143.529 किलोमीटर लंबे खगड़िया-पूर्णिया खंड को अपग्रेड किया जाएगा। लगभग 4000 करोड़ रुपये (3936.05 करोड़) की भारी-भरकम लागत से बनने वाला यह फोरलेन कॉरिडोर बिहार के आर्थिक और सामाजिक विकास को एक नई रफ्तार देने के लिए तैयार है।


खगड़िया-पूर्णिया को केंद्र सरकार करेगी अपग्रेड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने आज बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड (143.529 किलोमीटर) को बीओटी (टोल) मोड पर 3936.05 करोड़ रुपये की लागत से 4-लेन में कनवर्ट में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी।
बिहार में एनएच-31 और एनएच-231 के खगड़िया-पूर्णिया खंड के प्रस्तावित अपग्रेडेशन से खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जिले को सबसे ज्यादा फायदा होगा। तीखे मोड़ों और भीड़भाड़ की समस्या का समाधान होगा। इस परियोजना के अंतर्गत पूर्णिया शहर के लिए 6.729 किलोमीटर लंबा एक विस्तारित ग्रीनफील्ड बाईपास विकसित किया जाएगा।

4 लेन का होगा खगड़िया-पूर्णिया रोड

इस परियोजना से औसत यात्रा गति बढ़ेगी। यात्रा का समय लगभग दो घंटे कम होगा। सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहन परिचालन लागत में सुधार होगा। जिससे क्षेत्रीय आवागमन और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

ये परियोजना बिहार भर में प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ती है। इसके अलावा, उन्नत कॉरिडोर-5 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों (कपड़ा क्लस्टर, मेगा फूड पार्क, मत्स्य और समुद्री खाद्य पार्क) और 11 लॉजिस्टिक्स केंद्रों (प्रमुख रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डा, राष्ट्रीय राजमार्ग) से जुड़कर मल्टी-मोडल एकीकरण को बढ़ावा देगा। जिससे पूरे क्षेत्र में माल ढुलाई और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।

खगड़िया-पूर्णिया परियोजना से होने वाले फायदे

  • फोरलेन सड़क के निर्माण से वाहनों की औसत गति बढ़ेगी और यात्रा का समय करीब दो घंटे कम हो जाएगा।
  • बेहतर सड़क होने से वाहनों के परिचालन खर्च में कमी आएगी और ईंधन की भारी बचत होगी।
  • अत्याधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ तीखे मोड़ों को हटाए जाने से सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगेगी।
  • आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन के जरिए यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम होगा।

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