रोम में PM मोदी की जॉर्जिया मेलोनी के साथ 'कार डिप्लोमेसी', डिनर पर दिखी केमिस्ट्री, बड़े समझौतों का किया इशारा
Updated on
20-05-2026 01:20 PM
रोम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस इटली के दौरे पर हैं। रोम पहुंचने पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने उनका जबरदस्त स्वागत किया है। मेलोनी ने पीएम मोदी के साथ सेल्फी लेते हुए उनको दोस्त कहा है। इस दौरे पर एक बार फिर मोदी की 'कार डिप्लमोसी' देखी गई है। पीएम मोदी और मेलोनी रोम में एक ही कार में सवार दिखे। पीएम मोदी पहले इससे पहले रूसी प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी एक कार से चल चुके हैं।
पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी के साथ तस्वीरें एक्स पर साझा की हैं। उन्होंने लिखा कि मुझे रोम में प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला। हमने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया और कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज होने वाली हमारी बातचीत का मुझे बेसब्री से इंतजार है। पीएम मोदी ने बड़े समझौतों का इशारा करते हुए कहा कि वह मेलोनी से भारत-इटली की दोस्ती को मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।
मेलोनी ने शेयर की सेल्फी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचने पर इटली के उप प्रधानमंत्री एंटोनियो तजानी ने उनका स्वागत किया। रोम पहुंचने पर इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने एक खास सेल्फी एक्स पर शेयर करते हुए उनका स्वागत किया है। मेलोनी ने अपनी और नरेंद्र मोदी की एक तस्वीर एक्स पर शेयर करते हुए लिखा कि मेरे दोस्त रोम में आपका स्वागत है।
पीएम मोदी के इस दौरे से भारत और इटली के रिश्ते में मजबूत आने की उम्मीद है। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते होने की उम्मीद है। पीएम मोदी इससे पहले जून 2024 में जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने इटली गए थे। पीएम नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के निजी रिश्ते भी अच्छे माने जाते हैं।
मेलोनी-मोदी ने पेश की रूपरेखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने बुधवार को एक संयुक्त लेख में उभरते हुए इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर की पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, अंतरिक्ष और सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की है।मोदी और मेलोनी ने 'इंडो-मेडिटेरेनियन के लिए एक रणनीतिक साझेदारी' पर कहा है कि भारत और इटली के बीच संबंध निर्णायक मोड़ पर हैं। हाल के वर्षों में संबंधों का विस्तार तेज गति से हुआ है। ये संबंध सौहार्दपूर्ण मित्रता से विशेष रणनीतिक साझेदारी में तब्दील हो गए हैं, जिसकी नींव भविष्य के लिए एक साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।
भूमध्य सागर और इंडो-पैसिफिक का जुड़ाव
इटली और भारत के प्रधानमंत्रियों ने कहा है कि भूमध्य सागर और इंडो-पैसिफिक को अलग-अलग करके नहीं देखा जा सकता है। हम एक ऐसी चीज के उभरने के गवाह बन रहे हैं, जिसे 'इंडो-मेडिटेरेनियन' कहा जा सकता है। यह व्यापार, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, डेटा और विचारों के लिए एक महत्वपूर्ण गलियारा है, जो हिंद महासागर को यूरोप से जोड़ता है।पीएम मोदी और मेलोनी ने तेजी से डिजिटल होते जा रहे इस विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और लोकतांत्रिक मूल्यों के क्षेत्र में आपसी सहयोग पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने लिखा कि टेक्नोलॉजी इंसानों की जगह नहीं ले सकती है। इसका इस्तेमाल सार्वजनिक बहसों को प्रभावित करने या लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में बदलाव के लिए किया जाना चाहिए।
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