स्वच्छ भोपाल के लिए नया कानून: 100 मेहमान बुलाने से पहले लेनी होगी निगम से मंजूरी
Updated on
10-06-2026 02:22 PM
भोपाल। राजधानी भोपाल में स्वच्छता और वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर अब तक के सबसे कड़े नियम लागू होने जा रहे हैं। नगर निगम परिषद ने केंद्र सरकार के 'ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026' को शहर में पूरी तरह लागू करने का ऐतिहासिक फैसला किया है।
इस नए कानून के तहत अब हर नागरिक और संस्थान को अपने परिसर से निकलने वाले कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर रखना होगा।
इसके साथ ही, यदि किसी घर या संस्थान में जन्मदिन, धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम में 100 से अधिक लोग शामिल हो रहे हैं, तो आयोजक को कार्यक्रम से 3 दिन पहले नगर निगम से बकायदा अनुमति लेनी होगी।
ऐसा न करने या बिना छंटनी किए 100 किलोग्राम से अधिक कचरा मिक्स करके फेंकने पर 150 प्रतिशत तक जुर्माना वसूला जाएगा।
अब आपको ऐसे करना होगा वेस्ट मैनेजमेंट (4 डस्टबिन का गणित)
नए नियमों के अनुसार, हर घर और प्रतिष्ठान को कचरा इन चार अलग-अलग डस्टबिन में ही वर्गीकृत करना होगा:
1. गीला कचरा : रसोई का भोजन, फल-सब्जियों के छिलके और पेड़-पौधों की हरी पत्तियां।
2. सूखा कचरा : रद्दी कागज, गत्ते, प्लास्टिक, धातु, कांच की बोतलें और फटे-पुराने कपड़े।
3. सैनिटरी कचरा : डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टिशू पेपर और घरेलू स्तर का मेडिकल वेस्ट।
बड़े आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के लिए कड़े मानदंड
शहर के करीब 2,000 बड़े परिसर सीधे इस नियम के दायरे में आएंगे। इसके लिए नगर निगम ने 'बल्क वेस्ट जनरेटर' (ज्यादा कचरा पैदा करने वाले) की सीमाएं तय कर दी हैं:
- आवासीय भवन : कुल फ्लोर एरिया 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक
- होटल, रेस्टोरेंट या बाजार : कुल फ्लोर एरिया 5,000 वर्गमीटर या उससे अधिक
- प्रतिदिन पानी की खपत : 40,000 लीटर या उससे अधिक
- प्रतिदिन उत्पन्न ठोस कचरा: 100 किलोग्राम या उससे अधिक
परिषद की बैठक में तीखी बहस; डिजिटल ट्रैकिंग से सुधरेगी व्यवस्था
इस नए प्रस्ताव को लेकर नगर निगम परिषद की बैठक में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विपक्ष ने शहर की वर्तमान सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए, जबकि महापौर ने दावा किया कि नए नियमों से सफाई व्यवस्था को एक नए मुकाम पर ले जाया जाएगा।
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