Select Date:

आत्महत्या के लिए उकसाने वाले केस में एफआईआर कैंसिल करने से एमपी हाई कोर्ट का इन्कार

Updated on 30-05-2026 01:40 PM

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति बीपी शर्मा की एकलपीठ ने शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कालेज, जबलपुर के पांच मेडिकल छात्रों को राहत देने से इनकार कर दिया। पढाई के दौरान जूनियर द्वारा फांसी लगाकर आत्महत्या करने के अपराध में पुलिस ने उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया था। गढ़ा थाने में दर्ज एफआईआर व न्यायालय में लंबित प्रकरण को निरस्त किए जाने की राहत चाहते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी।

कोर्ट ने याचिका को निरस्त करते हुए अपने आदेश में कहा है कि ऐसा कोई आधार नहीं है कि कार्रवाई को जारी रखना कानून प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल होगा। इसके विपरित जांच के दौरान एकत्र की गई जानकारी पर ट्रायल के दौरान सबूतों की जांच के बाद फैसला सुनाना जरूरी है।

याचिकाकर्ता सलमान खान, विकास द्विवेदी सहित पांच मेडिकल छात्रों की ओर से दायर की गई याचिका में उनके खिलाफ तीन नवम्बर, 2020 को गढ़ा थाने में धारा 306 व 34 के तहत दर्ज एफआइआर व ट्रायल कोर्ट में लंबित प्रकरण को निरस्त करने की राहत चाही गई थी। उनकी ओर से कहा गया था कि अभियोजन के अनुसार भगवत देवांगन मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में आर्थोपेडिक में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा था।

हॉस्टल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी

याचिकाकर्ता उसी डिपार्टमेंट में सीनियर पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट थे। भगवत ने एक अक्टूबर, 2020 को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतक के भाई प्रहलाद व देवी देवांगन की शिकायत पर गढ़ा पुलिस ने खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्यायायलय में में चार्जशीट दायर की थी।

जांच के दौरान पुलिस ने डॉ. अलौकिक गुप्ता, डॉ. रवि दिवाकर, डॉ. नवीन कुमार चोलक, डॉ. प्रणय खंडेलवाल और डॉ. सुमित नाहटा सहित कई गवाहों के धारा 161 और 164 के तहत बयान दर्ज किए थे।

पुलिस ने जांच में पाया कि याचिकाकर्ता सीनियर होने के कारण भगवत को लगातार परेशान व बेइज्जत करते हुए रैगिंग करते थे। उसके साथ बार-बार बुरा बर्ताव करते हुए शारीरिक सजा देते थे। ऑपरेशन थिएटर में उसे सजा के तौर पर मुर्गे की तरह खड़ा करके बेइज्जत करते थे। याचिकाकर्ता यह जानते हुए भी कि वह पहले से ही डिप्रेशन और मानसिक परेशानी में हैं, इसके बावजूद भी बेइज्जत करते रहे।

मोबाइल फोन से भी जानकारी निकाली

जांच एजेंसी ने मृतक के मोबाइल फोन से भी जानकारी एकत्र की। याचिकाकर्ताओ की तरफ से तर्क दिया गया कि अभियोजन की कहानी को सच मान भी लिया जाए तो धारा 306 धारा 107 के जरूरी हिस्सों को पूरा नहीं करती है। प्रकरण में ऐसे कोई भी साक्ष्य नहीं है कि याचिकाकर्ता ने मरने वाले को आत्महत्या के लिए उकसाया है। बताया गया कि आत्महत्या करने से पहले वह साइकोलाजिकल परेशानी, डिप्रेशन और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रहा था।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 24 July 2026
मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत मार्च 2024 तक सभी ग्रामीण परिवारों को 100% नल कनेक्शन देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, विधानसभा में पेश कैग की…
 24 July 2026
भोपाल, भोपाल के जयप्रकाश (जेपी) जिला चिकित्सालय में रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के माध्यम से कार्यरत 21 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। आउटसोर्स…
 24 July 2026
भोपाल, मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में परिवहन विभाग की नई व्यवस्था को लेकर एक चौंकाने वाला बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश सरकार द्वारा 1 जुलाई 2024 से प्रदेश के बॉर्डर…
 24 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से ताल्लुक रखने वाले बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने CJP के जनजी प्रोटेस्ट के दौरान बच्चों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर गहरी नाराजगी…
 24 July 2026
भोपाल, सड़क पर रफ्तार का खूनी खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश की सड़कों पर हर रोज औसतन 142 एक्सीडेंट हो रहे हैं और रोजाना करीब 40…
 24 July 2026
भोपाल, भोपाल में 17 साल की नाबालिग छात्रा से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी कॉन्स्टेबल ने अपनी बेटी के बर्थडे पार्टी का बहाना बनाकर छात्रा को मिलने बुलाया। इसके…
 24 July 2026
भोपाल, महिला से अनैतिक संबंधों और पद के दुरुपयोग के आरोप में भोपाल के अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा और आरक्षक नंदकिशोर को सस्पेंड कर दिया गया है, लेकिन इस…
 24 July 2026
भोपाल। राजधानी में मेट्रो ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशी की खबर है। 25 जुलाई से सुभाष नगर से एम्स तक के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर एक नहीं,…
 24 July 2026
भोपाल। भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों का गुस्सा गुरुवार को कमला नेहरू अस्पताल परिसर में फूट पड़ा। चार प्रमुख पीड़ित संगठनों के बैनर तले एकजुट हुए सैकड़ों पीड़ितों ने वहा…
Advt.