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भारत ने पहली बार 12 परमाणु बम तैनात किए:2 साल में देश के एटमी हथियार 180 से बढ़कर 190 हुए

Updated on 09-06-2026 01:21 PM
नई दिल्ली, भारत ने पहली बार 12 परमाणु हथियार मोर्चे पर तैनात किए हैं। देश का परमाणु हथियारों का भंडार भी 180 से बढ़कर 190 हो गया है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ताजा रिपोर्ट में यह बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 2025 में भारत ने एक भी परमाणु हथियार तैनात नहीं किया था, लेकिन 2026 में 12 की तैनाती की है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। उसके पास अभी 170 परमाणु हथियार हैं। उसके कितने हथियार तैनात हैं, यह स्पष्ट नहीं है।

रूस-अमेरिका की तरह भारत अपने परमाणु हथियारों की सटीक संख्या, क्षमता और नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं करता। SIPRI और दूसरी संस्थाएं केवल अनुमान के आधार पर रिपोर्ट जारी करती हैं।

SIPRI इयरबुक 2026 के अनुसार दुनिया एक नए परमाणु प्रतियोगिता के दौर में पहुंच रही है। अमेरिका, रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान समेत सभी परमाणु संपन्न देश अपने हथियारों और डिलीवरी सिस्टम को तेजी से अपग्रेड कर रहे हैं।

2026 की शुरुआत में दुनिया के 9 देशों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजराइल के पास कुल 12,187 परमाणु हथियार हैं। इसमें से 9,745 परमाणु हथियार सेना के भंडार गृह में हैं, जो इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

रिपोर्ट के 3 पॉइंट्स जो भारत से जुड़े

  • दुनिया का 5वां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश: 2025 में भारत का रक्षा खर्च 92.1 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल की तुलना में 8.9 प्रतिशत अधिक है। रक्षा खर्च के मामले में भारत से आगे केवल अमेरिका, चीन, रूस और जर्मनी हैं।
  • दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयात करने वाला देश: 2021-25 के दौरान भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक भी रहा। वैश्विक हथियार आयात में भारत की हिस्सेदारी 8.2% रही। यूक्रेन, भारत, सऊदी अरब, कतर और पाकिस्तान की संयुक्त हिस्सेदारी 35% रही।
  • अमेरिका-रूस के पास दुनिया के करीब 86% परमाणु हथियार: दोनों देश बड़े स्तर पर परमाणु आधुनिकीकरण कार्यक्रम चला रहे हैं। चीन का परमाणु भंडार भी बढ़कर 600 से 620 हथियारों तक पहुंच गया है। भारत के पास 190, पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं।

भारत की कोशिश- चीन के आखिरी छोर तक पहुंचने वाले हथियार बनाए

भारत लंबी दूरी के ऐसे हथियार बनाने पर फोकस बढ़ा रहा है, ताकि उनकी पहुंच चीन के आखिरी छोर तक हो सके। दरअसल, भारत एक साथ चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर संतुलित रणनीतिक क्षमता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। 2020 की हिंसक गलवान झड़प के बाद भारत-चीन सीमा पर भारतीय सैन्य निगरानी भी बढ़ी है।

भारत नए परमाणु डिलीवरी सिस्टम पर भी काम कर रहा है। इनमें सबसे अहम है MIRV तकनीक यानी मल्टीपल इंडिपेंडेन्टली टारगेटेबल रीएंट्री व्हीकल। इस तकनीक के जरिए एक ही बैलिस्टिक मिसाइल कई परमाणु हथियार ले जा सकती है और अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है।



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