भारत से इजरायल पहुंचा मणिपुर के यहूदियों बनी मेनाशे का पहला जत्था, 2500 साल बाद फिर मिलन
Updated on
24-04-2026 05:28 PM
तेल अवीव: पूरी दुनिया की नजर इजरायल के ईरान और लेबनान के साथ तनाव पर बनी हुई है। वहीं, इन सबके बीच तेल अवीव हजारों किलोमीटर दूर भारत में एक ऑपरेशन चला रहा है। यह मिशन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र से शुरू होता है, जिसका मकसद 5000 लोगों को भारत के मणिपुर से इजरायल भेजना है। इस मिशन का नाम ऑपरेशन विंग्स ऑफ डॉन रखा गया है। यह मिशन भारत में मौजूद बनी मेनाशे समुदाय के सदस्यों को वापस उनकी जड़ों से जोड़ना है, जो हजारों साल पहले अपने पुरखों के घरों से कट गए थे। बनी मेनाशे को बाइबिल में लॉस्ट ट्राइब (खोई हुई जनजाति) में बताया गया है।
इजरायली सरकार ने गुरुवार को दिल्ली के रास्ते बनी मेनाशे समुदाय के 250 सदस्यों का पहला जत्था हवाई जहाज से इजरायल भेजा। बीते साल बेंजामिन नेतन्याहू सरकार ने घोषणा की थी कि वह भारत में मौजूद समुदाय के 4600 सदस्यों को इजरायल भेजेगी। पिछले दो दशकों में 5000 लोग पहले ही इजरायल जा चुके हैं।
हर साल 1200 लोग जाएंगे इजरायल
इजरायल की योजना साल 2030 तक समुदाय को सदस्यों को भारत से पूरी तरह ले जाने की इजरायल के इमिग्रेशन मंत्री ओफिर सोफर ने समाचार एजेंसी AFP को बताया कि इस मिशन के तहत हर साल 1200 लोगों को इजरायल भेजा जाएगा। लेकिन इन सबके बीच पहले हम बताते हैं कि बनी मेनाशे कौन हैं और वे इजरायल से भारत के सुदूर उत्तर-पूर्व क्षेत्र में कैसे पहुंच गए।
कौन हैं बनी मेनाशे?
बाइबिल के अनुसार, प्राचीन इजरायल के लोग 12 कबीलों में बंटे हुए थे। इनमें से दस कबीलों के नाम जैकब (याकूब) के बेटों के नाम पर रखे गए थे। दो कबीलों के नाम उनके पोतों एफ्रैम और मेनाशे के नाम पर थे। ये दोनों जोसेफ (यूसुफ) के बेटे थे। बनी मेनाशे समुदाय का दावा है कि वे मेनाशे के ही वंशज हैं।
722 ईसा पूर्व में असीरियाई साम्राज्य ने इजरायल को हरा दिया। इसके बाद मेनाशे समुदाय को अपनी जमीन छोड़कर जाना पड़ा। उस समय के फारस (आज ईरान), अफगानिस्तान, तिब्बत और चीन से होते हुए यह समुदाय के लगभग 10000 सदस्य भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पहुंचे, जो मणिपुर और मिजोरम में बस गए।
गुरुवार को नए अप्रवासियों का जत्था तेल अवीव के बेन गुरियन एयर पोर्ट पहुंचा तो उसके स्वागत के लिए इजरायल के इमिग्रेशन मंत्री ओफिन सोफर और यहूदी एजेंसी के अध्यक्ष मेजर-जनरल (रि) डोरोन अल्मोग समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। सोफर ने समुदाय की इजरायल वापसी को ऐतिहासिक कदम बताया।
काठमांडू: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह बीते कुछ समय से लगातार चर्चा में है। अपने मंत्रियों पर आरोपों को लेकर घिरे बालेन शाह अब एक नए विवाद में फंस गए…
त्रिपोली: भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी ऑयल इंडिया ने अपने अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। ऑयल इंडिया के लिए लीबिया से अच्छी खबर आई है, जहां उसे तेल…
न्यूयॉर्क: रूस ने बहुत बड़ी घोषणा करते हुए होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के अधिकार का समर्थन कर दिया है। ये अमेरिका और पश्चिमी देशों के साथ साथ भारत और चीन के…
बिश्केक: भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान आतंकवाद को लेकर चीन और पाकिस्तान को एक साथ नसीहत दी है। किर्गिस्तान के बिश्केक में…
वॉशिंगटन: अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना है कि यूएस मिलिट्री के पास अभी हाइपरसोनिक हथियारों या रूस और चीन जैसे दुश्मनों के पास मौजूद एडवांस्ड क्रूज…
दुबई: पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के संबंध मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। इस बीच पाकिस्तान ने यूएई के कहने पर उसका पूरा कर्ज चुका दिया है। पाकिस्तान…
इस्लामाबाद: आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के…
मॉस्को/नई दिल्ली: रूस के लीगल इन्फॉर्मेशन पोर्टल ने हाल ही में भारत के साथ पिछले साल हुए "लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के आपसी आदान-प्रदान" यानि RELOS सैन्य लॉजिस्टिक्स समझौते की जानकारी दी है।…
तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने ओमान और रूस की यात्रा के साथ संकेत दे दिए हैं कि इस्लामाबाद अब एक विश्वसनीय मध्यस्थ नहीं रहा है। हालांकि अब्बास…