Select Date:

मधुबन बापूधाम योजना में प्लॉट खरीदने की होड़, 4 जून तक आवेदन का मौका, GDA ने फॉर्म बेचकर कमाए 700 करोड़

Updated on 28-05-2026 11:46 AM
गाजियाबादः गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) की मधुबन बापूधाम आवासीय योजना को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजार दर से कम कीमत पर प्लॉट मिलने की वजह से योजना में आवेदन करने वालों की लंबी कतार लग गई है। हालत यह है कि अब तक करीब 20 हजार आवेदन फॉर्म बिक चुके हैं और फॉर्म बिक्री व आवेदन राशि के जरिए जीडीए के खाते में लगभग 700 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं।

योजना के तहत प्लॉट खरीदने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 4 जून तय की गई है। जीडीए अधिकारियों का मानना है कि अंतिम दिनों में आवेदन की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है।

एक प्लॉट पर 57 लोगों की दावेदारी

मधुबन बापूधाम योजना के तहत केवल 350 लोगों को ही लॉटरी के माध्यम से प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। लेकिन मौजूदा स्थिति में एक प्लॉट पर औसतन 57 लोग दावेदारी कर रहे हैं। यही वजह है कि योजना को लेकर लोगों में भारी प्रतिस्पर्धा दिखाई दे रही है।

जीडीए के अधिकारियों के अनुसार अंतिम तिथि तक आवेदन संख्या 22 हजार से 25 हजार के बीच पहुंच सकती है।

1100 रुपये में फॉर्म, साथ जमा करनी पड़ रही राशि

योजना में आवेदन करने के लिए लोगों को 1100 रुपये में आवेदन फॉर्म खरीदना पड़ रहा है। इसके अलावा आवेदनकर्ता को चुने गए प्लॉट की कीमत का एक हिस्सा भी जमा करना अनिवार्य है। जनरल श्रेणी के आवेदकों को प्लॉट कीमत का 10 प्रतिशत और एससी-एसटी श्रेणी के लोगों को 5 प्रतिशत राशि जमा करनी पड़ रही है।
जीडीए के अपर सचिव पीके सिंह का कहना है कि योजना को लेकर लोगों में उम्मीद से ज्यादा उत्साह है और आने वाले दिनों में आवेदन और बढ़ने की संभावना है।

40 से 200 वर्गमीटर तक के प्लॉट

मधुबन बापूधाम योजना में विभिन्न वर्गों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना में 40 वर्गमीटर से लेकर 200 वर्गमीटर तक के भूखंड शामिल हैं।

सबसे बड़ी बात यह है कि जीडीए इन प्लॉट्स को केवल 35 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से उपलब्ध करा रहा है, जबकि आसपास के इलाकों में जमीन की कीमत इससे काफी अधिक है।

अवैध कॉलोनियों से भी सस्ते प्लॉट

लोगों की बढ़ती दिलचस्पी की सबसे बड़ी वजह योजना की कीमत और वैधता मानी जा रही है। मधुबन बापूधाम के आसपास की कई अवैध कॉलोनियों में जमीन के रेट जीडीए योजना से ज्यादा बताए जा रहे हैं।

ऐसे में लोग जोखिम से बचने और सुरक्षित निवेश के लिए जीडीए की वैध और सुविधायुक्त योजना को प्राथमिकता दे रहे हैं। यही वजह है कि मध्यम वर्ग के परिवारों के बीच इस योजना को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

4 जून तक आवेदन का मौका

जीडीए ने साफ किया है कि आवेदन प्रक्रिया 4 जून तक जारी रहेगी। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। फॉर्म बिक्री की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि अंतिम दिनों में जीडीए के खाते में और बड़ी रकम जमा हो सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 July 2026
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने साफ किया है कि राज्य के स्कूलों में बच्चों को अंडा दिया जाएगा। बंगाल में पूरी तरह शाकाहारी मेन्यू को लेकर चल…
 30 July 2026
ग्वालियर: मध्य प्रदेश में ऑक्सीटोसिन के अवैध इस्तेमाल और बिक्री को रोकने के लिए 13 साल पहले दिए गए निर्देशों पर अमल न होने का मामला अब तूल पकड़ चुका…
 30 July 2026
शिवसागर: असम के शिवसागर जिले में दिखो नदी का रौद्र रूप देखने के मिला है। इस नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने एक पूरे गांव को महज एक घंटे के…
 30 July 2026
नई दिल्ली/पटना: सुप्रीम कोर्ट में आज गुरुवार को बिहार के मंत्री दीपक प्रकाश से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार से सवाल…
 30 July 2026
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने बुधवार को पहली बार माना कि ई-20 पेट्रोल (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) इस्तेमाल करने से गाड़ियों को नुकसान पहुंच सकता है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं…
 30 July 2026
कोलकाता, पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने बुधवार रात एक छापेमारी में ₹28.5 करोड़ से ज्यादा कैश और 15 किलो सोना बरामद किया। सोने की कीमत करीब ₹21.5 करोड़…
 30 July 2026
नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली सरकार को आदेश दिया कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च में घायल प्रदर्शनकारियों का इलाज कराया जाए।सीजेआई सूर्यकांत,…
 28 July 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में हजारों लोग पहुंचे, कहीं किसी ने डिजिटल क्रांति से आंदोलन का रुख मोड़ा तो किसी ने भूखे रहकर लेकिन उन्हीं के बीच…
 28 July 2026
नई दिल्ली: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उन कानूनों में से एक है जो हर कुछ सालों में चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन क्यों? इस कानून…
Advt.