कलेक्टर संजय अग्रवाल ने साफ कहा है कि किसी भी स्कूल को कैंपस के भीतर किताब, कॉपी या यूनिफॉर्म बेचने की अनुमति नहीं है। शासन के नियमों के मुताबिक अभिभावकों को किसी एक दुकान से सामान खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर आर्थिक दबाव या मोनोपॉली को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अन्य निजी स्कूल भी प्रशासन के रडार पर
इस कार्रवाई के बाद शहर के निजी स्कूलों और किताब-यूनिफॉर्म कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। जिला प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य स्कूलों की भी जांच की जाएगी। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी