Select Date:

पोलियो और घरेलू हिंसा से लड़कर बनीं चैंपियन, 2 बच्चों की मां शर्मिला ने CWG 2026 में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास

Updated on 28-07-2026 02:33 PM
नई दिल्ली: पोलियो ने बचपन में कदम रोक दिए, घरेलू हिंसा ने जिंदगी को दर्द से भर दिया, लेकिन शर्मिला धनखड़ ने कभी हार मानना नहीं सीखा। हरियाणा के रेवाड़ी की इस पैरा एथलीट ने मुश्किलों को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत बनाया।

2 साल की उम्र में पोलियो का शिकार होने के बाद उन्होंने लंबे संघर्ष का सामना किया और निजी जीवन की चुनौतियों से निकलकर खेलों में अपनी अलग पहचान बनाई। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में पदक से चूकने का दर्द भी उन्हें नहीं रोक सका। चार साल बाद उसी मंच पर उन्होंने महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर साबित कर दिया कि हौसले के आगे हर मुश्किल छोटी पड़ जाती है।

शर्मिला धनखड़ ने जीता गोल्ड

शर्मिला धनखड़ ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला शॉट पुट F57 वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया। फाइनल मुकाबले में शर्मिला ने छह प्रयासों में 9.48, 9.58, 9.81, 9.17, 9.37 और 9.60 मीटर का थ्रो किया। तीसरे प्रयास में किया गया 9.81 मीटर का थ्रो निर्णायक साबित हुआ और कोई भी प्रतिद्वंद्वी उनके इस प्रदर्शन को पीछे नहीं छोड़ सका। घाना की जिनाबु इसाह ने 8.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ सिल्वर मेडल जीता। वहीं भारत की शिल्पा ने 7.26 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

2 साल की उम्र में पोलियो, घरेलू हिंसा से हुईं परेशान

शर्मिला की यह सफलता सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है। इसके पीछे संघर्ष, दर्द और हौसले की लंबी कहानी छिपी है। 15 अगस्त 1986 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के छिठरोली गांव में जन्मीं शर्मिला महज दो साल की थीं, जब तेज बुखार के बाद उन्हें पोलियो हो गया। इसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई। शारीरिक चुनौतियों के साथ-साथ उन्हें निजी जीवन में भी कठिन दौर से गुजरना पड़ा। कम उम्र में शादी के बाद उन्हें पहले विवाह में घरेलू हिंसा का सामना करना पड़ा। बाद में परिवार के सहयोग से उन्होंने नई शुरुआत की और अब अपने पति अजीत सिंह तथा दो बच्चों के साथ

4 साल बाद पूरा किया सपना

2020 में उन्होंने कोच टेक चंद के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण शुरू किया और महज एक साल के भीतर 2021 राष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीत लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में शर्मिला चौथे स्थान पर रहकर पदक से चूक गई थीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। 4 साल बाद उसी मंच पर गोल्ड जीतकर साबित कर दिया कि दृढ़ संकल्प, परिवार का साथ और कड़ी मेहनत किसी भी मुश्किल को जीत में बदल सकती है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 28 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से आज यानी 28 जुलाई को श्रीलंका के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज के लिए टीम का ऐलान कर दिया गया है। शुभमन…
 28 July 2026
नई दिल्ली: पोलियो ने बचपन में कदम रोक दिए, घरेलू हिंसा ने जिंदगी को दर्द से भर दिया, लेकिन शर्मिला धनखड़ ने कभी हार मानना नहीं सीखा। हरियाणा के रेवाड़ी…
 28 July 2026
नई दिल्ली: शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है। दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जिसका आगाज…
 28 July 2026
नई दिल्ली: 28 जुलाई को श्रीलंका के खिलाफ 2 टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम की घोषणा कर दी गई है। घरेलू क्रिकेट के जाने-माने नाम सारांश जैन…
 28 July 2026
ग्लास्गो: घुटने का दर्द फिर से उभरने के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में अपने पहले प्रयास के बाद ही हटने वाले तेजस्विन…
 27 July 2026
ग्लासगो: खेल का मैदान चाहे कोई भी हो, भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान के सामने जीत दर्ज कर एक अलग सुकून मिलता है। अबकी बार ये मौका मुक्केबाज जादूमणि सिंह के…
 27 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम का जिम्बाब्वे दौरा खत्म हो चुका है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में युवा टीम इंडिया ने मेजबानों को 3-0 से मात दी। इस सीरीज में…
 27 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी गंवाने और टीम से बाहर होने का झटका झेल चुके स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हार नहीं मानी है। टीम इंडिया में दोबारा…
 27 July 2026
WWE के इतिहास में कई दिग्गज सुपरस्टार आए, लेकिन जॉन सीना ने जो पहचान बनाई, वह बहुत कम रेसलर्स को नसीब हुई। करीब 2 दशकों तक उन्होंने अपने दमदार मुकाबलों…
Advt.